नागरिकता पूछने वालों पर ओवैसी का बड़ा बयान कहा किसी को अधिकार नहीं

असदुद्दीन ओवैसी ने देश में कुछ अनधिकृत लोगों द्वारा एक खास समुदाय के लोगों से भारतीय नागरिकता का सबूत मांगने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। AIMIM प्रमुख ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी आम व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी से नागरिकता के कागजात मांगे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ऐसे तत्वों से उलझने के बजाय कानून पर भरोसा रखें। ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान और कानून तय करता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं। सड़क पर खड़े होकर खुद को कानून से ऊपर समझने वाले लोग न केवल समाज में डर का माहौल बना रहे हैं बल्कि देश की एकता को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें सामाजिक सौहार्द को तोड़ने का काम करती हैं।
बिना आधार सबको बांग्लादेशी बताना देश के लिए खतरनाक
ओवैसी ने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के लोगों को बांग्लादेशी बताना भारत के रणनीतिक हितों के खिलाफ है। उन्होंने इसे आत्मघाती कदम करार दिया। उनका कहना था कि इस तरह की बयानबाजी से पड़ोसी देश के लोगों को उकसाया जाता है जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। ओवैसी ने आगाह किया कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश को जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। हर व्यक्ति को शक की नजर से देखना न तो संविधान सम्मत है और न ही देशहित में। इससे देश के अंदर अशांति फैलती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी ताकत कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों से दिखानी चाहिए न कि नफरत और डर के जरिए।

पड़ोसी देश को लेकर बयानबाजी में सावधानी जरूरी
AIMIM प्रमुख का मुख्य फोकस भारत बांग्लादेश संबंधों पर रहा। उन्होंने परोक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी देश को लेकर बयान देते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है वह वहां के लोगों का आंतरिक मामला और जन आंदोलन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के लिए एक स्थिर बांग्लादेश बेहद जरूरी है खासकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा और विकास के लिए। अगर बांग्लादेश में हालात बिगड़ते हैं तो इसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा। इसलिए गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए और कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहिए।
बांग्लादेश में अस्थिरता से भारत को बड़ा खतरा
ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर बांग्लादेश में अस्थिरता बनी रहती है तो भारत विरोधी ताकतें इसका फायदा उठा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आईएसआई और चीन जैसी शक्तियां भारत के खिलाफ साजिश रचने का मौका ढूंढती रहती हैं। ऐसे में पड़ोसी देश में अस्थिरता भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत और बांग्लादेश के बीच हजारों किलोमीटर की जमीनी और समुद्री सीमा है। ऐसे में किसी भी तरह की अशांति सीधे सीमा सुरक्षा पर असर डाल सकती है। अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि देशहित में राजनीति से ऊपर उठकर सोचना जरूरी है। आंतरिक कानूनों का पालन और बाहरी सुरक्षा दोनों ही भारत के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और इन्हें कमजोर नहीं होने देना चाहिए।